नेगी दा जैसा कोई नहीं, अभिनंदन, सैल्यूट नेगी दा !

Dhun Pahad Ki

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलने पर नेगी दा के समर्थकों में सुकून

विपिन बनियाल
-नरेंद्र सिंह नेगी यानी अपने नेगी दा, उत्तराखंडी लोक संगीत का ऐसा नाम है, जो आसमान की तरह विशाल और विराट है। नेगी दा जनता के दिलों में राज करते हैं और जनता से सबसे बड़ा पुरस्कार काफी पहले हासिल कर चुके हैं, लेकिन पदम पुरस्कारों के मामले में जिस तरह से जाने-अनजाने नेगी दा को नजरअंदाज किया गया, उन स्थितियों के बीच, नेगी दा को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलना उनके प्रशंसकों को सुकून दे रहा है। नेगी दा को खुद कितना सुकून है, यह पता नहीं, लेकिन यह भी सौ फीसदी सच्चाई है कि नेगी दा का जो योगदान है, उसके लिए कई पुरस्कार कम पड़ जाएंगे।
मुझे अपने स्कूली दिनों की याद है, जब कोटद्वार में हमारे काशीरामपुर तल्ला स्थित घर के सामने वाली रोड पर से नरेंद्र सिंह नेगी आया-जाया करते थे। यहां उनकी ससुराल है। नेगीदा का तब नाम हो चुका था, लेकिन वह बहुत सादगी से अपनी अटैची खुद हाथों में उठाए हुए पैदल ही आया-जाया करते थे। उन्हें अक्सर बसों में सफर करते हुए देखा जाता था। जीवन भर बहुत साधारण तरीके से रहते हुए नेगीदा ने लोक संगीत के क्षेत्र में जो असाधारण काम किया है, उसके पास तक पहुंचना किसी भी अन्य कलाकार के लिए बहुत मुश्किल नजर आता है। नेगी दा ने कई बार मुझसे बातचीत में कहा कि बसों में सफर करना इसलिए अच्छा लगता है, क्योंकि इससे उस जनता से ज्यादा नजदीकी महसूस होती है, जिसके लिए वह लिखते हैं, गाते हैं। एक उदाहरण लेते हैं-सरा ररा प्वां प्वां। नेगी दा के इस सुपरहिट गीत में जीएमओयू की बस में तरह-तरह के यात्रियों की दास्तान हकीकत और पहाड़ के लोगों की रोजमर्रा जिंदगी के एकदम करीब है। जनता के मिजाज और उसकी नब्ज पकड़ने के हुनर और पहाड़ के प्रति संवेदनशीलता ने ही नेगीदा को महान बना दिया है।
नेगीदा के मुकाबले अन्य कलाकारों को पदम पुरस्कार मिलने से कोई नाखुश नहीं है। वे सभी योग्य हैं, लेकिन नेगीदा का काम और लोक संगीत को उनका योगदान बहुत बहुत बड़ा है। इसलिए पदम पुरस्कारों का ऐलान होते वक्त नेगीदा की अनदेखी हमेशा सालती रही हैे। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ने नेगीदा के प्रशंसकों की तकलीफ को थोड़ा कम किया है। हालांकि मेरा ही नहीं, उनके तमाम प्रशंसकों का मानना है कि नेगी दा पुरस्कारों से परे निकल चुके हैं। फिर भी नेगी दा को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ग्रहण करते हुए देखना अच्छा लगता है। अभिनंदन नेगी दा, सैल्यूट नेगी दा। नेगी दा की संगीत यात्रा से जुड़ी अहम बातों को लेकर उनके जन्मदिन पर पिछले साल धुन पहाड़ की यू ट्यूब चैनल के लिए मैने उनसे बातचीत की थी। इस मौके पर नेगीदा को मिले पुरस्कार की खुशी मनाते हुए यह वीडियो नए सिरे से देखा जा सकता है।

 

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